
नीलू को ले जाने के लिए अर्जुन आतुर थे लेकिन मौसी बिल्कुल भी तैयार नहीं थी वो मना कर देती है और नीलू को अंदर जाने के लिए कहती हैं
नीलू अंदर चली जाती है
अर्जुन कहते हैं मौसी मुझे नीलू से एक बार माफी मांग लेने दो बेटी से भी माफी मांग लेने दो
मौसी कहती हैं कि नहीं जरूर तुम्हारा कोई काम है स्वार्थ से वशीभूत होकर नीलू को ले जाना चाहते हो तुम्हारी बहन की शादी है शायद रुकी हुई होगी उसकी शादी
तुम इतने अधिक व्याकुल क्यों हो रहे हों मैं समझती हूं तुमने कितना अत्याचार किया है इन मासूमों के साथ क्रमशः
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