रोज एक नए दौर से गुजरती हैं ये जिन्दगी

हम महफ़ूज़ रहते है

कुछ नहीं करते हैं शिकायत जिंदगी से

इसलिए कि शुक्रिया अदा करते हैं कि जितना मुझे इस जिंदगी ने दिया

शायद इतना ही पाने के लिए कुछ लोग कितना तरसते होंगे

दूर से देखने मे तो खुशहाल दिखते हैं लोग

लेकिन जाहिर है कि ये सोंचते नहीं है हम की ये लोग भी कितने अंदरूनी कष्ट सहते होंगे

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