
हर तरफ खतरों के बीच मे एक समझदार इंसान उसमे से भी कुछ आनंद के पल खोज ही लेता है
जैसे कि एक प्यासा अपनी प्यास बुझाने के लिए एक सहारे की तलाश करने लगता है और वो उलझ कर रह जाता है एक ऐसी गली मे जहां से लौटकर आना मुश्किल हो चुका था

हर तरफ खतरों के बीच मे एक समझदार इंसान उसमे से भी कुछ आनंद के पल खोज ही लेता है
जैसे कि एक प्यासा अपनी प्यास बुझाने के लिए एक सहारे की तलाश करने लगता है और वो उलझ कर रह जाता है एक ऐसी गली मे जहां से लौटकर आना मुश्किल हो चुका था
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