माना कि हम उम्र के किसी भी दौर से गुजर रहे हैं
हमे इतना शिक्षित होना चाहिए कि हम करने क्या जा रहे
हम शिक्षित है शिक्षा से विवेक आता है
हम अक्सर लोगों से सुनते आए हैं कि वो लोग अपने जीवन मे असफल हो गए
वो लोग खुद को दोष नहीं देते दूसरों को दोष देते हैं लेकिन एक तरह से अपने आपको देखे गौर करें तो अक्सर गलती खुद की ही रहती है
हमेशा अपने बच्चे को माँ बाप राह नहीं दिखा पाते
राह दिखाने की भी एक सीमा होती है
समझदार माता पिता खुद भी शिक्षित होते हैं और अपने बच्चों को एक सही दिशा दिखाते हैं परिणाम स्वरूप उनके बच्चों का जीवन भी एक सुन्दर दिशा में चलता रहता है
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