अपने माँ पिता को कोई खुशी खुशी कोई रख नहीं सकता

माँ बाप के बनाए हुए घर मे रहते हैं उन्हीं की बसाई गृहस्थी को बहुएं इस्तेमाल करती है उन्हीं पर रौब जमाती है और उन्हीं का तिरस्कार करती है ये तो दुनिया है

“अपने माँ पिता को कोई खुशी खुशी कोई रख नहीं सकता” के लिए प्रतिक्रिया 4

  1. Ho skta h meri baat sabko pasand na aaye par Mera manna ye h bahu k Ane k baad agr o sasural ko apna ghr smjh k haq jatati h to burayi nhi h bas jb o saas sasur se bura saluq krti h tb o galat h .

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