जब हम एक इंसान पर ही अटक जाते हैं जो हमारा है ही नहीं और हम उसे अपना समझने की भूल कर बैठते हैं और बाद मे धोखा खाते हैं या धोखा खाने से बच जाते हैं
जब हम एक इंसान पर ही अटक जाते हैं जो हमारा है ही नहीं और हम उसे अपना समझने की भूल कर बैठते हैं और बाद मे धोखा खाते हैं या धोखा खाने से बच जाते हैं
टिप्पणी करे