उसकी गरीबी और लाचारी नहीं देखते लोग
निगाह अपनी बदल लेते हैं उसकी बेबसी नहीं देखते लोग
कहने को तो समाज बदल चुका है
लेकिन फायदा उठाने के मौके नहीं छोड़ते लोग
ज़ज्बा उसका क्या है वह अकेली क्यों चलती है
बदचलन कहने का सुनहरा मौका नहीं छोड़ते हैं लोग
उसकी गरीबी और लाचारी नहीं देखते लोग
निगाह अपनी बदल लेते हैं उसकी बेबसी नहीं देखते लोग
कहने को तो समाज बदल चुका है
लेकिन फायदा उठाने के मौके नहीं छोड़ते लोग
ज़ज्बा उसका क्या है वह अकेली क्यों चलती है
बदचलन कहने का सुनहरा मौका नहीं छोड़ते हैं लोग
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