
अचानक ऐसा संयोग बनता है और कुछ खुशियां मिल जाती है
अचानक जब मैं कानपुर अपने मायके गई तब
वहां मुझे कुछ ऐसे संयोग मिले जब मुझे पता चला कि मेरी भतीजे की जन्म दिन यही होगी
और मैं कभी भी अपने भतीजे की जन्म दिन मे नहीं आ सकीं थी
ये जानकर मुझे बहुत खुशी हुई
मेरे भतीजे भी खुश थे कि उनकी कलकत्ते वाली बुआ उसके जन्मदिन मे यहीं पर मौजूद है
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