देव दासी भाग 589

कामिनी कहती हैं कि अभी इससे काम मत कहो ये अभी बीमार है

अच्छा तुम अभी मेरे साथ चलो

सुरुचि कहती हैं कि नहीं मैं काम करूंगी मुझे काम करने मे अच्छा लग रहा है अब मैं ठीक हुँ दीदी आप जाओ और कोई काम हो तो मुझसे कह देना

कामिनी कहती हैं कि तुमने मुझे दीदी कहा है

ठीक है मैं चलती हूं अभी ठाकुर साहब बहुत जरूरी कार्य से गए हुए हैं

सौम्य भी उनके साथ हैं

और कामिनी वहां से चली जाती हैं

तभी दरवाजे पर दस्तक होती है और कामिनी गीता से कहती है कि गीता देखो तो कौन आया है गीता भी दरवाजे पर जाती है और झरोखे से देखती है और कहती है भाभी कुछ लोग हमारे दरवाजे पर खड़े हुए है मुझे तो दरवाजा खोलने मे डर लग रहा है

अच्छा तो उन्हें पीछे वाले दरवाजे पर आने के लिए कहती हूँ

क्रमशः

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