
आजकल जीवन में लोग चिड़चिड़ापन के शिकार हो रहे हैं
जानते हो क्यों
क्योंकि वो लोग खुद अपनी ऊंची ऊंची ख्वाहिशों मे कैद हैं
जीवन को सुनिश्चित तरीके से नहीं बल्कि बहुत अधिक पाने की इच्छा करके खुद को जंजीरों मे कैद कर रहे हैं
खुद को बेहतर दिखाई देने की चाह उनके अंदर एक ऐसा विचार और उलझन उत्पन्न होती है जिसमें वो लोग घुलते ही जा रहे हैं
अपने सुखों को पाने के लिए अपनी आत्मा के सुख का परित्याग करके अपनी शांति को भौतिक सुखों की बलिवेदी पर जला दिया है
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