
चलते फिरते कुछ भी याद आ जाता है
जैसे कि वही पुराना जमाना
वही अपना छोटा सा एक घर
मिट्टी का चूल्हा
और कुछ बर्तन
खटिया
छोटे छोटे भाई बहन एक कुत्ते की याद जो मेरे घर में रहता था हम लोग उसे कूड़े से उठा कर लाए थे
वह भूखा प्यासा घूम रहा था
एक पिल्ला
हम लोगों के साथ खेलने लगा
और एक दिन हमारे साथ हमारे पीछे पीछे पीछे चला आया
और हम लोगों ने उसे खाना दे दिया
अब वह हम लोगों के घर के बाहर सोने भी लगा
किसी को घर मे घुसने नहीं देता था
खूब अच्छा लगता था
बड़ा भी हो गया था
दाल चावल भी खाता था
हम लोगों के साथ ही खाना खाता
हम लोगों को स्कूल नहीं जाने देता था
जब हम लोग उसे घर में बंद करते तब स्कूल जा पाते थे
और भी कुछ लिखने को है
अब आगे कल लिखूँगी
Good night friends
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