किसी को क्या पता क्या होने वाला है

रोज एक नए जीवन की शुरुआत होती है

रोज रोज नए विचारो का भी जन्म होता है

कितने जन्म होते हैं किसी को नहीं पता और कितने जन्म होंगे किसी को नहीं पता चलता है

जीवन एक रहस्यमय जाल है जिसमें हम प्रतिदिन फंसते जाते हैं एक नई दिशा की ओर

कुछ दिशाएं ले जाती है किसी सुंदर उद्देश्य की ओर और कुछ दिशाएं ले जाती एक विनाश की ओर

हम कुछ समझ जाते हैं कि आगे क्या होगा

आभास भी होते हैं कि कुछ अच्छा होने वाला नहीं है

संकेत भी मिलते हैं

लेकिन हम विचारों के और स्वतः बनाए गए जंजाल के कोलाहल में अपने संकेतों की ओर ध्यान नहीं रख पाते हैं और गुमराह हो जाते हैं

और उसी रास्ते पर चल पड़ते हैं जहां कुछ अनहोनी घटना घटने वाली होती है

लेकिन उस समय किस्मत का ही खेल होता है और या तो हम किसी की दुआ से बच जाते हैं या फिर अनहोनी की चपेट में आ जाते हैं

Et

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