आजकल लोग झुंड से कतराते है

पहले के लोग झुंड या समूह में रहते रहना पसंद करते थे क्योंकि वो लोग खुद को सुरक्षित महसूस करते थे

एक दूसरे का सहयोग करते थे

एक दूसरे की सेवा करते थे

समूह या समाज मे रहने के कई फायदे होते थे

परंतु आजकल लोग अकेले ही रहना पसंद करते हैं

लोग समूह में नहीं रहना चाहते

आज़ादी से रहना चाहते हैं

लेकिन उन्हें समूह तब समझ मे आता है

उन्हें तब अपनों की याद आती है जब वो लोग मुसीबतों मे घिर जाते हैं

क्योंकि एक दूसरे का सहयोग ही मुसीबतों को कम करता है

या मुसीबतों से बचाव करता है

जब सब समूह में रहते हैं तो कोई अन्य किसी का फायदा नहीं उठा सकता

आजकल तो बच्चे कमाने बाहर चले जाते हैं बूढ़े माँ बाप अकेले अपने घर मे रह जाते है

बच्चे बुलाने से बड़ी मुश्किल में आते हैं

या उनके पास अपने माता पिता के लिए समय निकाल पाना मुश्किल हो जाता है सेवा की तो बात दूर की होती है

आज कल का परिवेश ही ऐसा हो चुका है कि ढलती हुई उम्र में अकेले ही रहना होगा साथ अगर देता है तो जीवनसाथी ही देता है

Good evening friends

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