खुश वही रहता है जो उम्मीदे खुद से करे

जो दूसरों से आस लगाते हैं वो लोग खुश नहीं रह सकते

दूसरों से आशा करने का मतलब है अपनी खुशियों को खो देना

परंतु जिनकी मजबूरी है कि उन्हें दूसरे का आश्रित होना पड़ता है तो आप उनसे जाकर पूछिये कि उन्हें कितना झेलना पड़ता है

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