अपने मन को कितना मारना पड़ता है हम housewife को
हम अपने पति पर ही निर्भर रहते हैं
जब उनकी जो इच्छा करेगी हमे देंगे
नही तो वो हमे नही देंगे
जेब में पैसे भरे हुए हैं
लेकिन हम अपने पसंद की कोई वस्तु नही खरीद सकते
काश हम भी कमाते और हम भी अपने मन की खरीदी गई चीजों का आनंद लेते
आज अमरूद खाने की इच्छा है लेकिन उन्होंने नही दिलाए
ट्रेन में हूँ ट्रेन का खाना ही खा रही हूँ
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