
हम खामोश हो जाएं तो अच्छा है
चारो तरफ शोर ही शोर से
हर तरफ जोर है
हम खामोश हो जाए तो अच्छा है
🌹कुछ पाने की चाह में
कितनी दूर तक निकल आए
लेकिन जो किस्मत में नही है
वो मिला कहाँ
सब तरफ अंधेर ही अंधेर है
हम खामोश हो जाएं तो अच्छा है
🌹गूजर चुके अब वो दिन
आजादी को तरसते रहे दिन ब दिन
लगता अब कुछ अपना ही दोष था
जो तरस गए उस पल के लिए
जो अब सरल नही
कठिन लगे
हम खामोश हो जाएं तो अच्छा है
🌹वो धोखे वो चालों के साथ
जो अपनों ने खेली एक गहरी चाल
नही समझ सके क्योंकि था हमे
उनपर विश्वास
हम खामोश हो जाएं तो अच्छा है
😔😔😔😔😔
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