जो सपने पूर्ण नही हो पाते हैं

सबसे बड़ी बात है सोंचने वाली

सपने तो हम खूब देखते हैं लेकिन उनको पूरा करने के लिए लापरवाही करते हैं

परिस्थितियों की बात है तो कभी भी अनुकूल परिस्थिति हमे नही मिल सकती सारी प्रतिकूल परिस्थितियों से हमे लड़ना होगा

समय नही मिला

ये एक बहाना कहा जाना चाहिए क्योंकि हमे अपने लिए समय को खींचना होगा

अपने लिए समय निकालना ही होगा

गरीबी की स्थिति में भी फटे कपड़े और टूटी हुई चप्पल पहनकर निकालना होगा

लाइट चली गई हो तो हमे रोड लाइट की रोशनी या लालटेन जला कर पढ़ने की हिम्मत के साथ परिश्रम करना पड़ेगा

क्योंकि समय ना आपकी गरीबी देखता है और ना ही फटे हुए जूते

कोई आपको देखकर हंसता है या कुछ लोग आपका मनोबल गिराते है तो उनको नजरअंदाज करना ही होगा

टूटे हुए घर में रोटी और नमक खाकर आपको जूझना पड़ सकता है

अगर कुछ अर्थिक तंगी है तो पैसों के लिए छोटे काम भी करने पड़ सकते हैं

आपको निडर होकर आगे बढ़ना होगा

अगर आप और हम ये नही कर सकते हैं तो अपने सपनों को कुचलने का कार्य कर रहे हैं

Good evening everyone

🌹🌹🌹

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