anupama shukla

  • बेबसी की मारी भाग 42

    कल्लू कहते है मौसी एक महीना यहाँ क्यों रहोगी इन्ही को लेती जाओ यहाँ आकर केवल कष्ट ही पाती हो… Read More

  • बेबसी की मारी भाग 41

    लेकिन बिटिया पैसे गए तो कहा गए इसका पता तो मुझे लगाना ही पड़ेगा मौसी अब मैं क्या करूँ नीलू… Read More

  • बेबसी की मारी भाग 40

    हाय मौसी मेरे बक्से से पैसा चोरी हो गया मौसी पैसा नहीं मिल रहा नीलू ने कहा ठीक से बक्से… Read More

  • बेबसी की मारी भाग 39

    अरे मौसी सही कहती हो आप अभी दूसरा काम भी खोज रहा हूँ वो काम मिल जाएगा तभी मैं इस… Read More

  • बेबसी की मारी भाग 38

    अर्जुन कहते है की शैल तुम कितनी होशियार हो अरे नहीं भैया अपने भैया का मोह है और कुछ नहीं… Read More

  • बेबसी की मारी भाग 37

    और इतने मे बच्ची रोने लगती है नीलू बच्ची को उठाती है और दूध पिलाने लगती है इतने मे अर्जुन… Read More

  • बेबसी की मारी भाग 36

    अर्जुन मौसी से कहते है की शैल ही घर का सारा काम करती है आपकी बेटी मेरे यहाँ बहुत सुखी… Read More

  • आहत भाग 75

    सब दीपेंद्र को खोज रहे हैं दीपेंद्र का कुछ पता नहीं सब एक दूसरे को दोष दे रहे है सबकुछ… Read More

  • आहत भाग 74

    दीपेंद्र एक साये की तरह रात में चलता जा रहा है उसकी मंज़िल न जाने कहा है कोई उसे देख… Read More

  • आहत भाग 73

    अब सब चिल्लाकर बाहर की ओर भाग रहे थे और चिल्ला रहे थे की वो फिर से जिंदा हो गया… Read More

  • आहत भाग 72

    दीपेंद्र बिल्ली की तरह सबको पंजा मारता है कोई भी उससे जीत नहीं पाता तभी एक आदमी पीछे से लोहे… Read More

  • आहत भाग 71

    दीपेंद्र एक अंधेरे मैदान मे अकेला इधर उधर देख रहा है कोई भी आवाज़ अगर उसे सुनाई पड़ती है तो… Read More

  • मौन ही हर मुसीबत का निदान

    शांति की एक अच्छी और सुलभ दवा मौन मौन एक ऐसी दवा है जिसमे न कोई विचार हो, न किसी… Read More

  • आहत भाग 70

    अब वो एकदम पागलों की तरह सबको खूब गिरा कर मारता है सब इधर उधर भागते है चार आदमी उसे… Read More

  • आहत भाग 69

    उसके शरीर मे ना जाने कहाँ से ताकत आ जाती हैं उसकी आँखे लाल हो जाती हैं वो जेल मे… Read More

  • आहत भाग 68

    मिलने का समय अब खत्म हो चुका था हेमा दीपेंद्र से फिर मिलने का वादा करती है दीपेंद्र तुम घबराना… Read More

  • बेबसी की मारी भाग 35

    और हा इनकी सहेलियां अक्सर आ जाती हैं भैया मैंने तुम्हे कुछ बताया नहीं कहीं घर मे लड़ाई न हो… Read More

  • बेबसी की मारी भाग 34

    उधर शैल चाय लेकर पहुंचती है अर्जुन कहते हैं शैल अब मौसी आ गई है घर संभाल लेंगी तुम अब… Read More

  • बेबसी की मारी भाग 33

    मौसी की बात सुनकर नीलू बेटी के लिए दूध लाती हैं और खाना बनाने की तय्यारी करती है इतने मे… Read More

  • देवदासी 297

    गीता ने उसे देखकर अपनी आँखे छिपाने की कोशिश करने लगी बुआ वो मंदिर और वो जगह किसकी थी बुआ… Read More

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