anupama shukla
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देवदासी भाग 127
वैध जी इतना कहकर चले जाते है अब वीर सिंह बेबस हो जाते है बच्चे सुरुचि के पास रखने के… Read More
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देवदासी भाग 126
वैध जी वही पर रहते हैं वो कहते हैं वीर जी अभी बच्चे बहुत छोटे है इन्हे मां के दूध… Read More
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देवदासी भाग 125
वीर सिंह वहां पर पागलों की तरह दौड़े चले आते है और गीता को बहुत प्यार से कहते है ये… Read More
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देवदासी भाग 124
उधर मंजूलता फिर अपनी मां से कहानी सुनाने की जिद करती है सुरुचि कहानी सुनाना आरंभ करती है सुरुचि कहती… Read More
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समुंद्री तट की बात ही कुछ और है
आज मैं अंडमान द्वीप के स्वराज द्वीप में घूम रही हूं जिसका नाम पहले हैव लॉक sea beach था वहां… Read More
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देवदासी भाग 123
वीर सिंह कहते है की मैं तुम्हे उपहार भी दूंगा तुम्हे मालामाल कर दूंगा । बाबा कहते है अब मैं… Read More
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विमान का आनंद अपने परिवार के साथ
मै आज अंडमान में ,पोर्ट ब्लेयर आइसलैंड में हूं , वैसे तो विमान में मैं कई बार गई हूं पर… Read More
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कितना कुछ देती है ये प्रकृति हमें
ये प्रकृति हमें जीने का एक मौका देती हैं और देती है कुछ सीखने की तरह तरह के अनुभव तब… Read More
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प्रकृति का आनंद
आज मैं अंडमान के एक होटल में हूं कोलकाता में सर्दी थी और यहां पर कितना सुंदर और सुहाना मौसम… Read More
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देवदासी भाग 122
अब बाबा उन लोगो से कहने लगे की मुझे तो पता ही नहीं है कि वो लोग कोन थी मुझे… Read More
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देवदासी भाग 121
बाबा को एक कमरे में बंद कर दिया जाता है ,बाबा बड़े खुश होते है उन्हे एक कमरा मिल गया… Read More
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देवदासी भाग 120
मंजूलता पूछती है आगे क्या हुआ माई ,पर सुरुचि अभी बताने से मना कर देती है उसका गला रूंध जाता… Read More
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देवदासी भाग 119
आंधी कम होती है तो गीता कहती है चलिए वैध जी । वैध जी और गीता बहुत ही जल्दी जल्दी… Read More
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शादी का असली मतलब भाग 55
तो चल बेटी आंसू पोंछ आज से तुम रोवोगी नहीं वादा करो आज मुझसे । रूपा अपने ससुर के पैरों… Read More
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शादी का असली मतलब भाग 54
मै किस तरह इसके साथ रहता था ,आज तुम्हारी भी वही स्थिति है मैं तो पुरुष था तो चल गया… Read More
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शादी का असली मतलब भाग 53
भगवान का विश्वास ही सबसे बड़ा होता है सब धोखा देते है पर भगवान की शक्ति का उसे बहुत भरोसा… Read More
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शादी का असली मतलब भाग 52
अपने कमरे में अपमान का घुट पीकर रूपा चली जाती है और खूब रोती है ,बिलकुल व्याकुल है ये सोचकर… Read More
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जीवन को एक खिली हुई धूप समझो
एक खिली हुई धूप हैं ये जीवन इसको कभी भी अभिशाप न समझो जो मिला है अभी ,और फिर कभी… Read More