anupama shukla
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दुख तब होता है जब बिना गुनाह के सजा मिलती है
सस्ती नहीं है जिंदगी की राहें ,बहुत मुश्किल उठानी पड़ती है हर मोड़ पर कुछ न कुछ कांटे और फूल… Read More
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देवदासी भाग 61
मंजूलता लकड़ी काटने चली जाती है ,,सुरुचि घर में रहकर खाना बनाने लगती है ,आज रोटी और हलवा ,सब्जी बनाकर… Read More
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शादी का असली मतलब भाग 31
रूपा की मां की बात सुनकर रूपा की सास भी दुखी हो जाती है ,तभी रूपा की मां अपनी बेटी… Read More
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दुनिया में क्या है
दुनिया बहुत खूबसूरत है ,आनंद है दुनिया में ,मस्ती है दुनिया में,कोई खौफ नही अगर हम सही रास्ते पर चलें… Read More
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उफ्फ ये घुटन
उफ्फ कितनी असहनीय होती है ये घुटन। आह भी निकलने नहीं देती ,आंसू आंख के अंदर ही रोक लेती है… Read More
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शादी का असली मतलब भाग 30
और रूपा की मां फूट फुट कर रोने लगती है ,कहती है मेरी बेटी के साथ अन्याय ,सुनीता उसे चुप… Read More
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शादी का असली मतलब भाग 29
रूपा की मां जब सुनीता सुनीता कहती हुई पूरे घर में घूम लगती है तभी रूपा की सास बाहर निकल… Read More
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देवदासी भाग 60
मंजूलता रात भर अपनी मां के बारे में सोचती रहती है ,सुरुचि सो गई थी ,सुरुचि आज चैन की नींद… Read More
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देवदासी भाग 59
सुरुचि अपनी आगे की बात बताते बताते रुआसी हो जाती है,और मंजुलता का हाथ पकड़ लेती है और कहती है… Read More
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शादी का असली मतलब भाग 28
रूपा को काम करते देखकर मां एकदम ठिठक जाती है वो बोलती है रूपा इतने सारे बर्तन मांज रही हो… Read More
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देवदासी भाग 58
कितने सपने देख रही है सुरुचि अपने बच्चे के लिए ,उसे कल की कुछ भी खबर नहीं है छठवां महीना… Read More
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प्यार क्या है
प्यार के कई मतलब है ,प्यार एक सुंदर अहसास भी है। प्यार एक भूल भी है अगर इसे ठीक से… Read More
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इंसान थोड़ी सी वस्तु को पाने के लिए कितना स्वार्थी हो जाता है
सोचने वाली बात है जी समझने वाली बात है जिनको हम अपना समझते है वो लोग कितने स्वार्थी हो जाते… Read More
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मजदूर मां है पर मजबूर नहीं
करती है वो मेहनत किसके लिए अपने जिस्म को धूप में जलाती है किसके लिए। सारे दिन खुद भूखी रह… Read More
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शिकारी भी एक दिन शिकार होता है
एक सुनहरा कछुआ रोज एक नदी पर आता था ,वो चारो तरफ देखता ,हरी हरी घास ,हरे पत्ते रोज खाकर… Read More
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खूबसूरत वादियां
मैं अक्सर हर साल कहीं न कहीं घूमने जाती हूं अपने परिवार के साथ ,जब मैं घूमने गई शिमला ,वहां… Read More
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जीवन से मुक्त नही बल्कि संसार के बंधन से मुक्ति की कामना करें
जीवन को सार्थक बनाने के लिए जीवन से मुक्त होना ही विकल्प नहीं है जीवन जब तक चले चलाना है… Read More