anupama shukla

  • बहु बनकर जाने की सुखद अनुभूति

    बहू नाम का शब्द मन को रोमांचित करता है सिर्फ कुछ ही दिन का सुखद अहसास फिर उसके बाद घर… Read More

  • देवदासी भाग 44

    सुरुचि मंजूलता से आगे की कहानी बताती है ,मंजूलता बहुत ही ध्यान से सारी बात सुनती है ,और सुरुचि आगे… Read More

  • दुल्हन का व्रत भाग 28

    बड़ी बहु तो अकेली हो जाती है उसे अपनी गलती का एहसास होता है की उसे शोभा को कुछ नहीं… Read More

  • खोया हुआ प्यार भाग 12

    छुटकी का मन अतुल के लिए बहुत बैचेन हो गया है वो हर हाल में उसको पाना चाहती है उसे… Read More

  • शादी का असली मतलब भाग 26

    अचानक रूपा देखती है की उसकी मां ,भाई ,बहन सब आ जाते हैं और ड्राइंग रूम में बैठे है ,रूपा… Read More

  • चहारदीवारी

    चहारदीवारी में रहने वाली महिला आज भी अत्याचार का शिकार है ,इसके लिए वो खुद जिम्मेदार है जो अन्याय बर्दाश्त… Read More

  • भूख का मारा

    कोरोना अपना मुंह पसारे बैठा था ,एक मजदूर का काम छूट गया था , लॉकडॉन लग गया था ,घर में… Read More

  • मेरे ब्लॉग

    दोस्तों मैं अपने ब्लॉग और कहानियों। में महिलाओं के ऊपर होने वाले अत्याचारों को लिखती हूं जो हमारे समाज में… Read More

  • अभिशप्त जीवन

    बहार आने से पहले ही वो विधवा हो चुकी थी ,उसके जीवन की सिर्फ पढ़ाई ही सहेली थी ,पति शादी… Read More

  • गुस्ताखी

    नाचती थी वो घुंघरू बांध कर ,सुंदर थी ,बहुत सुंदर एक वैश्या थी वो ,हमेशा हंसती मुस्कुराती नाचती गाती थी… Read More

  • प्रेम की डोर में ऐसे बांधी वो

    वो अकेली थी अपने मां बाप की लाडली थी अपने मां बाप की , रेनू नाम था उसका ,सारे दिन… Read More

  • शादी का असली मतलब भाग 25

    प्रीति रूपा से अपना सारा काम करवाती है ,रूपा की मदद लेती है ,एक दिन रूपा प्रीति से कहती है… Read More

  • खोया हुआ प्यार भाग 11

    अतुल कहता है मैं जिसको प्यार करता हूं ,उसी से ही अपना घर बसाऊंगा पर जबरजस्ती किसी से शादी नहीं… Read More

  • देवदासी भाग 43

    एक सप्ताह कब बीत जाता है सुरुचि को पता ही नहीं चलता अब सब लोग उन्हें वैध दीदी के पास… Read More

  • आज का दृश्य

    आज का दृश्य कुछ और है चमकता हुआ सूर्य ,चहचचहाती चिड़ियां ,दाना चुगती ,फूलों पर बैठी तितलियां ,खुशी से लहलहाते… Read More

  • लम्हें जो बाद में नहीं मिलते

    ओ लम्हों तुम रुक जाओ कुछ देर अभी तो दिल भरा नहीं ,कुछ सुलगते जज्बात रह गए है दिल में… Read More

  • उड़ता हुआ पंछी जब फड़फड़ाता है

    उसी पंछी की तरह ही हमारा जीवन भी है ,जब हम सरल और संतुष्ट जीवन जीते है ,और अपनी ताकत… Read More

  • दुल्हन का व्रत भाग 27

    सब लोग बड़ी बहु का बनाया खाना खाते हैं पर तारीफ शोभा की ही करतें है ,शोभा आराम से अपने… Read More

  • शादी का असली मतलब भाग 24

    रूपा इसी तरह सारा काम प्रीति का करती है ,रघु जब घर में खाना खाता है तो प्रीति से कहता… Read More

  • दुल्हन का व्रत भाग 26

    और सब शोभा की बहुत तारीफ करतें है,चारो तरफशोभा की ही तारीफ ,बड़ी बहु तो रसोई में शोभा को नहीं… Read More

Design a site like this with WordPress.com
प्रारंभ करें