anupama shukla
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देवदासी भाग 23
जब डाकू मंजूलता को एक बोरे में बंद कर देते है मंजूलता बेहोश हो जाती है ,एक डाकू कहता है… Read More
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लोग क्या कहेंगे ये सोचना ही हमारी कमजोरी
यही डर ,यही हमारे झिझकने का कारण की लोग क्या कहेंगे ,हम लोग अपने सुख को त्याग देते है की… Read More
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मन की तड़प किसी की
इन उजली रातों में कुछ तो सबक है जिंदगी का। एक एक धड़कन कह रही है ,कर रही है इंतजार… Read More
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गुजरेंगे कभी ये भी दिन
वक्त कब आएगा सब यही सोच कर गवां देते है रात की चांदनी। अरे अभी कर लो बंदगी जिंदगी से… Read More
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लुफ्त तो है मगर ,उठाने की दम नहीं
किस्से तो बहुत है मगर ठीक से सुनाने वाले में वो दम नहीं को एक धूल के कण में है… Read More
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किसी किसी को कोई चीज समय निकल जाने के बाद मिलती है
जब ऐसा होता है तो बहुत तकलीफ होती है ,जिस चीज को चाहो ,जिस चीज का इंतजार करो ,अगर वही… Read More
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मुस्कुराहट
खिली हुई धूप की तरह मुस्कुराहट होती है। मुसुकुराते हुए लोग ही सबको भाते है अच्छे लगते है मुसुराहट का… Read More
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देवदासी भाग 22
जब मंजूलता को डाकू पकड़ने लगते है तब मंजूलता चिल्लाने लगती है पर उसके चिल्लाने की आवाज कोई नही सुनता… Read More
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दुल्हन का व्रत भाग 5
जब घर में अलगाव की परिस्थिति आ गई तो रुखसाना चुप हो गई ,शाम को पति आए उसने पति को… Read More
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प्रकृति से कुछ कहना है
कितनी शांत ,कितनी पवित्र तुम रहती हो सबको जीवन सबको सांस तुम देती हो। कितना धैर्य पूर्वक पार करती हो… Read More
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मिल जातें है कुछ नए सहारे अगर हम धैर्य न छोड़े
जीवन में कोई काश आता है ,आशा साथ छोड़ने लगती है ,लगने लगता है की अब कोई फायदा नहीं अब… Read More
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दिखा देंगे दुनिया को ये सोच ठीक नहीं
कुछ दिखाना नहीं है दुनिया को। बस जीवन को सुलभ बनाना है। करने है कुछ अच्छे काम दुखियों का कष्ट… Read More
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जाते जाते इतना बता दो
इतना बता दो जाते हो कहा मुसाफिर। अपनी याद देकर ,अपना सबकुछ छोड़ कर कितना कमाया था कितना जोड़ा था… Read More
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दुल्हन का व्रत भाग 4
जब दुल्हन को सब महिलाओं ने रसोई से बाहर कर दिया तब उसकी भी गुस्सा फुट पड़ी ,उसने प्रतिशोध लेने… Read More
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देवदासी भाग 19
मंदिर में चोरी होने का खतरा है अब मंजूलता परेशान हो गई उसने सोच लिया की अब कुछ भी हो… Read More
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नींद को जीतने वाला
नींद तो सबको आती है किसी किसी को पढ़ते समय या काम करते समय बहुत नींद आतीं है ,और वो… Read More
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शादी का असली मतलब भाग 3
अभी रूपा बर्तन धो रही थी की उसकी जेठानी एक टब कपड़े लेकर आ गई ,बोली लो धो डालो सब… Read More
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देवदासी भाग 18
रात भर मंजूलता उन्ही आदमियों के बारे में सोचती रही ,लेकिन वो किसी से बात नहीं कर सकती थी ,उससे… Read More
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तड़पती रही वो
ना अपने लिए कुछ कर पाती तड़पती रही थी वो अपनी जिंदगी की लड़ाई में निकल जाता था पूरा दिन… Read More