anupama shukla
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मिट्टी है ये
मिट्टी से बीज उगता है। बीज से पौधा लगता है। पौधे से पेड़ बनता है। फूल से बीज पनपता है।… Read More
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उम्र बीत गई तो क्या hua
जिंदगी को साकार करने के लिए मुझे अभी भी एक नई राह बनानी है। जिंदगी गुजर गई तो क्या हुआ।… Read More
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काश जिंदगी एक किताब होती
मैं इन पन्नो को पढ़ पाती , उन लम्हों को फिर से समेट पाती जो खो चुके हैं ,जो बिछड़… Read More
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अनदेखा करतें है लोग
आपके पास जब बहुत कुछ होता है तो लोग आपको नमस्ते करते है ,मुड़ मुड़ कर देखते हैं ,आपको देखकर… Read More
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सुहागिन का गर्व
सिंदूर लगाना,आलता लगाना। हाथों में भर कर चूड़ियां,कजरा ,गजरा सब लगती है सुहागिन। अच्छा लगता है पायल छन काना सासू… Read More
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जीवन मंत्र
जीने का अहसास है अलग जीने का अंदाज अलग है अपने आप में खुश रहना ही बेहतर है ,अपना गम… Read More
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कितना कुछ बदल गया
बहुत कुछ बदल गया अब ,लेकिन हम लोगो अच्छी बात भूलकर तकलीफ देने वाली बात को याद करके अपने आगे… Read More
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मन का शोर ,बाहर के शोर से भी ज्यादा
बाहर तो शोर है ही ,गाड़ियों का शोर ,मशीनों का शोर ये सब कुछ हर जगह है ,जंगल में शायद… Read More
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निरर्थक साबित होता है कभी कभी प्रयत्न
हम लोग देखते है की दुनिया में लोग बहुत मेहनत करते है ,प्रयत्न करते है ,लेकिन फिर भी वो लोग… Read More
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उफ्फ ये मैने क्या कर डाला
बहुत गलतियां जीवन में लोग करते हैं करते ही चले जाते है ,उनको कुछ समझ नहीं आता कि ये वो… Read More
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जीवन की राह आसान नहीं है
लंबी नहीं है ये जीवन की राह। सप्ताह में एक दिन तो मरना ही पड़ेगा। जीवन जीने के लिए कुछ… Read More
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जीवन की कश्ती
एक दिन तो स्मृतियों से आगे जाना ही पड़ेगा। जीवन की नौका को पार लगाना ही पड़ेगा। जाएगी खाली हाथ… Read More
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दुनिया बहुत अच्छी है,हम ही लोग उससे अनुकूलन करने में समर्थ नहीं है
दुनिया को दोष देने से पहले अपने आपको भी देखना है ,दुनिया में कोई अवगुण नहीं है ,सारी दुनिया गुणों… Read More
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गांव की सुंदरता
दूर दूर तक खेतों में मखमल जैसी हरियाली सूरज की किरणों से लिपटी हुई चांदी की तरह हरे हरे तिनके… Read More
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जीवन एक शतरंज
हम लोग सब एक शतरंज की मुहरें है ,सब मुहरें खेल खेलती है कोई इसको मारता है कोई उसको मारता… Read More
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अपने अधिकार का सदुपयोग
जो अधिकार हमे मिले है उसका सदुपयोग करें ,ना की अपने स्वार्थ के लिए उसका दुरुपयोग करें ,जितना हो सके… Read More
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कुदरत का बदला
काटा है जो तूने पेड़ों को बेदर्दी से। पहाड़ों को खोखला किया तूने अपनी खुदगर्जी से धरती का सीना चीरा… Read More
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कोई साथ नहीं देता तो ये एक परीक्षा की घड़ी है
डरना मत किसी भी हद से अकेले ही निकल पड़ो। मुकाम हासिल के लिए। अकेले की दौड़ ही अच्छी। कोई… Read More