anupama shukla
-
आहत भाग 175
दीपेन्द्र सबकुछ खड़ा हुआ सुन रहा था उसे बहुत ही गुस्सा आ गया था उन सभी के ऊपर लेकिन वो… Read More
-
उदय किसी का भी अचानक… नहीं होता… सूर्य भी धीरे – धीरे निकलता है… और ऊपर उठता है… संसार को वही प्रकाशित कर सकता है… जिसके भीतर धैर्य व तपस्या हो… 🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞
जीवन में प्रसन्न व्यक्ति वह है… जो अपने… स्वयं का “मूल्यांकन” करता है… और दुःख़ी व्यक्ति वह है जो… केवल और केवल… दूसरों का मूल्यांकन करता है… Read More
-
अनुकूलन जीवन मे
बारिश पड़े तो भागिए नहीं……. छत नहीं खोजिये…….. छाते कभी-कभार बंद रखिये…… किस बात का डर है……? भीग जायेंगे न………..?तो… Read More
-
वैराग्य की भाषा
तुम ईश्क लिखो… मैं उसे मोह कहूंगी… उम्र से पहले ही वैरागी हो गई हूं मैं…. तुम प्रेम लिखो राधाकृष्ण… Read More
-
ज्ञान बिंदु भाग 105
प्रश्न 1:- DMRC (Delhi Metro Rail Corporation) ने हुडा सिटी मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर क्या रखा है?उत्तर :- मिलेनियम… Read More
-
ज्ञान बिंदु भाग 104
प्रश्न 1:- किस केन्द्रीय मंत्री ने अंबाला में “Canteen Store Department Depot” के नए परिसर का उद्घाटन किया है?उत्तर :-… Read More
-
शांति की प्राप्ति
🇲🇰 शान्ति मेरा मूल स्वरूप है।🇲🇰 शान्ति मेरा स्वधर्म है।🇲🇰 शान्त रहना मेरा मूल स्वाभाव है।🇲🇰 शान्ति में ही शक्ति… Read More
-
प्रश्न 1:- किस राज्य में भारत के पहले स्वदेशी रूप से विकसित परमाणु ऊर्जा रिएक्टर का Commercial Operation शुरू किया… Read More
-
आत्मा को आजतक कोई यंत्र ना देख सका
आत्मा के दर्शन कोई दूसरा कर ही नहीं करता हम अपनी आत्मा का साक्षात्कार स्वयं ही कर सकते है अपनी… Read More
-
something to say to the ladies
A woman entangled in social bonds, crying, losing something in her wall, if she searches for someone’s company to take… Read More
-
यूँ ना जहर करो अपना जीवन
निष्ठुर जगत के लोगों के लिए अपना जीवन ना जहर करो ये सोंच कर की अब बर्बाद हो चुकी जिन्दगी,… Read More
-
एक चिड़िया पिंजरे मे बंद है लेकिन
उसे विश्वास है अपने कर्म पर और अपनी किस्मत पर की एक दिन सब पंछियों की तरह मिलेगा उसे भी… Read More
-
सब लड़के बुरे नहीं होते
कुछ लड़के होते है इतवार जैसे सुकून से भरे हुएजिनके काँधे पर सर रख कर आपहाले दिल कह सकते हो… Read More
-
अपना समय ही बेबस कर देता है
इस कौए को आप देख रहे हैं ये बहुत खूंखार कौआ था कभी, इसके बहुत शक्ति थी ये मेरी छत… Read More
-
मजदूर वर्ग का त्याग
मजदूर वर्ग को अनदेखा ना करो यारों वो मेहनत कश है ज़माने ने करवट बदल ली है मगर एक मजदूर… Read More
-
बेबसी की मारी भाग 262
मुन्नू कहते हैं कि शैल मैं तो जा रहा हूं और सारी सहेलियाँ कहती है कि हम भी जा रहे… Read More
-
शादी का असली मतलब भाग 269
तुम मेरे पति से जल लेकर पी रहीं हो रूपा, अब बात यहां तक पहुंच गई मैंने तुम्हें पनाह दी… Read More
-
देव दासी भाग 513
कामिनी तो अब फूली नहीं समा रही बस वो तो वीर सिंह की याद मे खोई हुई है उसे पता… Read More