anupama shukla
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देव दासी भाग 509
वीर सिंह के पिता जी भी कामिनी और उसके घर वालों को जानते थे कामिनी उन्हें बहुत अच्छी लगती थी… Read More
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the span of knowledge is never short
Knowledge is like a light, the more it is lit, the more it shines. Knowledge improves our life, Knowledge is… Read More
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आजकल के लोग
महफिल में आए,शराफत ओढ़ के, मुस्करा के हंस रहे दिल तोड़ के। खामोशी ने जब शरारत से देखा, वो पीने… Read More
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माता पिता के लिए कुछ शब्द
मातु पिता जड़ जीवन बेला।तरू पल्लव सिंचित तन मेरा।।नियम बद्ध ऋतुओं से बाँधा।सत्कर्मों के फलों से लादा।।१ जग जननी माँ… Read More
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आजकल की परिपाटी
कर्मों के ये खोटे बन्दे, झूँठे हैं इनके सब धन्धे।हर चाल है इनकी फरेबी,बातों का रस सरस जलेबी।१ मक्कारी की… Read More
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जय श्रीं कृष्णा
प्रेम ही आनंद का मूल है,, प्रेम ही सृष्टि का सार है प्रेम ही पूजा है प्रेम ही विश्वास है… Read More
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स्त्रियों को सिर्फ एक ही बार माँ मिलती हैं
मुझे याद नहीं कि बचपन में कभी सिर्फ इस वजह से स्कूल में देर तक रुकी रही होऊं कि बाहर… Read More
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I’ll wear what I’m comfortable in
If you were forced to wear one outfit over and over again, what would it be? फैशन तो अक्सर बदलते… Read More
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ईश्वर सबके साथ है
कभी अपने आपको अकेला मत समझो कभी खुद का विश्वास मत खोना ईश्वर सबके साथ है आत्मा शरीर से जुड़ी… Read More
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दूसरों की मुसीबतों को भी अपना समझो
दूसरों की मुसीबतों को देखते ही अक्सर लोग मुह मोड़ लेते हैं लेकिन कभी कभी उसी मुसीबत का सामना सबको… Read More
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कितना सुंदर था पहले का जमाना
लोग कितने सरल होते थे सबकी परवाह करते थे ,एक दूसरे की इज़्ज़त करते थे पहले का जमाना कितना अच्छा… Read More
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देव दासी भाग 508
कामिनी एक दम पागल हो चुकी थी अब अगले दिन ही उसके पिता और भाई वीर सिंह के यहां रिश्ता… Read More
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खोटे सिक्के
कर्मों के ये खोटे बन्दे, झूँठे हैं इनके सब धन्धे।हर चाल है इनकी फरेबी,बातों का रस सरस जलेबी।१ मक्कारी की… Read More
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अनुकूल हो गए हम
धूप के आदी हो गये, छाया हमें भरमाती नहीं कितने अनुकूल हो गए हम सुख की बेला खो गयी,चाँदनी घर… Read More