motivation blogs and stories
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रथ यात्रा का महत्व
. *श्रीजगन्नाथजी रथ यात्रा* हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भगवान जगन्नाथजी की पुरी में… Read More
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जय श्रीं राम
रावण ने कैलाश पर्वत को उठा लिया फिर धनुष क्यों नहीं उठा पाया और श्रीराम ने कैसे धनुष तोड़ दिया..??… Read More
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तुम जिन्दगी को समझ गए
जिन्दगी के दर्द चुपचाप न झेलोजिन्दगी जब रुलाए रो लोलोग रोने पर कमजोर कहेंगें तुमको कहने दो पर रोकर तुम… Read More
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संसार का नागपाश
रहना ही है इस संसार मे क्योंकि ये एक नागपाश की तरह ही है इसमें लोग बंध जाते हैं रिश्तों… Read More
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लोभ की भी एक सीमा है
लोभी इंसान का कभी पेट भरा नहीं किसी भी वस्तु से उसे जितना मिलता है उससे और भी अधिक पाने… Read More
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अनुष्ठान और बकरे की किस्मत
बच्चे का जन्म हुआ 8 साल के बाद घर मे खुशिया ही खुशियां थी, सब बहुत प्रसन्न थे एक मन्नत… Read More
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देव दासी भाग 511
आखिर देखते ही देखते दूसरे दिन पंडित जी आ जाते हैं और कामिनी की गोद भराई की बात पक्की हो… Read More
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देव दासी भाग 510
देखते ही देखते उसी दिन बात पक्की हो जाती है आखिर कामिनी के जैसी लड़की और इतना अच्छा जाना पहचान… Read More
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संस्मरण मजेदार
खाली सेक्स की बातें करना बस वही सब देखना और उसी का ही विचार करना ये सब कामी व्यक्ति की… Read More
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मेरी आदत एक बचपन की थी
एक आदत मेरे बचपन की थी जिससे मैं सुबह सुबह ही मार खा जाती थी वो थी कि मैं सुबह… Read More
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My daily habits
What are your daily habits? the habit of getting up early I change the bed sheets, I spread clean sheets,… Read More
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अकेली नहीं हू मैं पर आदी हो चुकी अकेले रहने की
मैं अकेली बैठी हू,अकेली ही रहती हू अक्सर लेकिन मैं ये सोचती हू की मैं अकेली नहीं हू मेरे साथ… Read More
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कर्त्तव्य का पथ
*************************जीवन चलने का नाम ही तो हैऔर चलना प्रगति की निशानी है,तू चलता चल अपने पथ पर…|बिना रुके -बिना डरे,अपने… Read More
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हम क्या से क्या हुए
आपसे जो मिले तो संवरने लगेख़ुशबुओं की तरह हम बिखरने लगे आपका चेहरा जबसे हुआ आईनाआईने तब से दिल से… Read More
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जिंदगी के उसूल
जिन्दगी के दर्द चुपचाप न झेलोजिन्दगी जब रुलाए रो लोलोग रोने पर कमजोर कहेंगें तुमको कहने दो पर रोकर तुम… Read More
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बुजुर्गों का आशीर्वाद
*एक व्यापारी की यह सत्य घटना है।*जब मृत्यु का समय न्निकट आया तो पिता ने अपने एकमात्र पुत्र धनपाल को… Read More
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There is no world in boredom only nature
There is no detachment from people, there is detachment from the whole world, the world does not remain in the… Read More
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कुर्बानी जानवरों की हत्या मानते हैं लेकिन बलि भी तो बेजुबान की हत्या ही है
मैं हिन्दू हू हमारे समाज में कुर्बानी, बलि की इजाजत नहीं है लेकिन मैं हिन्दू हू मैं किसी भी रीति… Read More
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थिरकते हुए क्या अच्छे लगते हैं उसके घुँघरू
साहब वेश्यालय मे कभी गौर किया है किस तरह छोटी छोटी लड़कियां मनोरंजन करती है ग्राहकों का उनकी भी आंख… Read More