एक सिपाही की ड्यूटी एक गांव में लगी थी ,वहीं पर एक घर उसे मिल गया ,वो अपने घर के बाहर बिस्तर बिछाकर सोता था
एक दिन उसने रात में देखा की एक बहुत सुंदर लड़की उसे बुला रही है , वो सिपाही से बोली क्या मैं आ जाऊं,वहां पर एकदम सुनसान था सिपाही ने सोचा कोई देख नहीं सकता है चलो इसके साथ मजे करेंगे ,इतनी सुंदर लड़की पास आने को कह रही है
सिपाही बोला आ जाओ ,और वो लड़की उसके पास आ गई ,अब वो लड़की रात में उसके पास सोती और उसके साथ संग करती सिपाही को भी खूब मजा आता
धीरे धीरे सिपाही को कमजोरी आने लगी उसका खून सूखा जा रहा था लेकिन वो लड़की इतनी सुंदर थी की सिपाही को कुछ पता नहीं चला
एक दिन सिपाही ने उस लड़की से कहा की जाओ लालटेन बंद कर दो उठ के ,लड़की ने हाथ बढ़ाकर लालटेन वहीं से बंद कर दी
अब सिपाही समझ गया की ये चुड़ैल है उसने उस लड़की से कहा की तुम चुड़ैल हो जाओ यहां से अभी लड़की हंसी और बोली हां मैं चुडौल हूं तुम्हारा संग मुझे बहुत अच्छा लगता है मैं नहीं जाऊंगी
अब चुड़ैल उससे बोली की तुमको मेरे साथ रोज सोना पड़ेगा अगर तुमने ये बात किसी से कही तो मैं तुम्हे मार डालूंगा अब सिपाही डर गया और उसके साथ रोज संग करने लगा
अब सिपाही बहुत ही कमजोर हो गया वो पास की एक वैध की दुकान में गया ,वैध ने उसे एक दवा की पुड़िया दी , वैध उसको देखकर पहले ही समझ है था , वैद्य ने कहा की ये पुड़िया तुम रोज रात में अपनी जेब में रखकर सोना
सिपाही ने रात को पुड़िया अपनी जेब में रख ली ,अब चुड़ैल फिर आई ,उसको जब उसने छुआ तब वो एकदम झटक कर खड़ी हो गई बोली तुम्हारी जेब में वो पुड़िया है उसको फेंक दो इसी समय ,
सिपाही ने पुड़िया फेंकने से मना कर दिया अब उसका डर भी खत्म हो गया था ,वो उठकर चुड़ैल से बोला क्यों आज नही सोएगी मेरे साथ ,चुड़ैल डर के मारे भाग गई ,अब वो सिपाही रोज रात को वही पुड़िया रखकर सोने लगा ,
एक रात वो चुड़ैल नहीं आई ,कई दिनों तक वो चुड़ैल भी नही आई तब उसने सुबह वैध जी से सारी बात कही ,वैध जी से उसने कहा , आदरणीय वैध जी इस पुड़िया में क्या है
वैध ने वो पुड़िया खोली तो सिपाही देखकर सन्न्न रह गया , उस पुड़िया में गीता के कागज का छोटा सा टुकड़ा था,। अब वो सिपाही रोज गीता पढ़ता और गीता किताब को अपने सिर के नीचे रखकर निश्चिंत होकर सोता।
कहानी समाप्त

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