भावना

जिसकी जैसी मानसिकता है वैसा ही संसार अपने आगे वो बनाता है जेसी भावना है वैसे वैसे

लोग ही उसके नसीब में आए ,भावना से ही अक्सर सबकुछ मिला करता है ,मान सम्मान इज्जत सबकुछ भावना से ही मिलता है ,ये पूरी सृष्टि किसी की भावना से रची गई ,भावना से ही सर्व सुख साधन बने ,भावना से ही सृष्टि दुख का कारण बनी ,भावना से ही मुसीबते ,भावना से ही सृष्टि का विनाश संभव है

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