
अहसास तो होता ही है अपनों का वो छाते की तरह अहसास दिलाते है की मैं हूं ,वो लोग रहें या ना रहें पर उनके जाने के बाद उनका अहसास जीवन भर रहता है ,की वो लोग यहीं पर कहीं है ,उनके विचार साथ रहते है उनकी दी गई शिक्षा भी साथ रहती है ,जेसे की एक छतरी अपने होने का अहसास दिलाती है ,उसके होने से भीग जाने का खतरा कम नजर आता है
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