
जो बीत चुका वो चला गया अब क्या बचा है उस पुराने समय में ,जीवन का अभी भी रंग है अभी भी रूप है जो समय चल गया क्या उसमे आप जा सकते हो अगर आप उसमे जा सकते हो तो क्या जो वादियां ,जो लोग पहले थे क्या अब वो लोग मिलेंगे ।
नही नहीं अब उस पुराने वक्त को याद करके दुखी नहीं होना है जीत उसी में नहीं है अब जीत क्या और हार क्या कुछ भी जीत हार नहीं होती ये सब एक दिलासा है अपनी ,हमे दिलासा में नहीं रहना ।
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