हीन भावना से ग्रस्त क्यों होते है हम लोग

दूसरों से अपनी तुलना करते है की जो उसके पास है वो मेरे पास क्यों नहीं है ,अपनी चीजों से संतुष्ट नहीं हो पाते है अपनी चीजों को दिखाने में शामिंदगी महसूस करतें हैं ।

अपने आपको दूसरों से कम समझते हैं ये क्यों भुल जाते हो की जो कुछ आपके अंदर है वो कुछ छिपा हुआ गुण है वो दूसरों के पास नहीं है हीन भावना एक बीमारी है इसी बीमारी जिसका सिर्फ एक ही इलाज है दूसरों की परवाह किए बिना आपने उद्देश्य की तरफ लगे रहो ।

आपके कपड़े फटें है सबके कपड़े नए है पर आपका तन तो ढका हुआ है ।

दूसरा आपसे अच्छा खाते है आपसे अच्छे घर में रहते है पर ये सोचो की आपकी भूख तो मिट जाती है आपके पास सिर छिपाने की छत तो है ।

आपको आगे बढ़ना है तो लोगो को नजरंदाज करो जो आपको देखकर मुंह बनाते है ,आपका मजाक उड़ाया करते है एक दिन आप खुद ही देखना की एक दिन आप उन सबसे बहुत ही आगे निकल जाएंगे आपका जीवन बहुत सुखमय हो जाएगा और जो आज आपका मजाक बनाते है कल वो आपके सामने आने से कतराएंगे ।

आपका भी एक दिन समय आएगा पर आप कभी भी उन लोगो का भी भूल से उपहास मत करना और नहीं ही उनसे बदला लेने की कोशिश ।

जो अपने पास है उसी को अच्छा बनाना है चिकनी चुपड़ी रोटी से अच्छा अपनी कमाई हुई रोटी खाना सबसे उत्तम है।

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