चुभ जाती हैं किसी की बातें जब कोई कहता है की अब तुम किसी के लायक नहीं रहे , बूढ़ी आँखों मे कुछ आशाएँ कभी रह जाती हैं अधूरी जब कोई अहसास करवाता हैं की तुम किसी लायक नहीं रहे, वो बाहें लगती है सूनी सूनो देती थी किसी को सहारा, जब कमजोर पड़ीं और भी ज्यादा जब कोई कहता है कि तुम अब किसी लायक न रहे
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