जब दुखती है रग रग अपनी

बवाल न करो, मंद मंद न आहें भरो अपनी तो रग रग बनी है बस दुखने के लिए, दुखती है तो अपने को समझाओ, मौन रहो, चीत्कार न करो, किसी को अपनी रग का पता न दो, दे देते हो सबको अपनी रग का पता और फिर जब लोग दुखाते है तो कहते हो की रग दुखती है❤

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