सबका अपना अपना जीवन है किसी के जीवन मे दखल करने से किसी को अगर किसी अच्छी बात के लिए रोकते हैं तो निसंदेह हम उस इंसान के अप्रिय बन जाते है परंतु फिर भी कोई अपना, किसी गलत लाइन मे जा रहा है
उदाहरण के लिए अपना ही बच्चा अगर पढ़ता नहीं है, दोस्तो के साथ घूमता है अपनी ही बेटी को रोकना ही पड़ता है अगर वे लोग अविवाहित हैं क्योकि उनका जीवन हमारे ही हाथ मे हैं रोकना ही पड़ता है हम बुरे बन जाएं लेकिन उनका जीवन सुधरे
परंतु अगर वे विवाहित है अपने पैरो खड़े है वे अपने जीवन को अपने तरीके से जीना चाहते हैं तो हमे उन्हे रोकना तोकना नहीं चाहिए
उनके पास कौन आता है कौन जाता है वे किससे मिलते हैं अब वे बालिग हो गए या कुछ भी हो कहीं भी हमे अपने को ही देखना है
हम लोग अपमानित इसलिए होते हैं क्योकि हम उन्हे किसी कार्य के लिए रोकते है पर हम ये भूल जाते है की अब हम उनके योग्य भी नहीं अब उन्हे हमारी जरूरत नहीं रही वे अपने जीवन को भली भाँति समझते हैं वे खुद ही अपना जुगाड़ बना लेंगे ❤❤🙏🏿🙏🏿
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