कभी कभी हम कहीं खो जाते हैं खुद मे

कुछ सोंच, कुछ चिंताएं ऐसी होती है कि हम लोग खो जाते हैं गहराई मे

अपना भी होश नहीं रहता है ऐसी तन्हाई हो जाती है

रोज रोज अनेकों विचार हमारा इंतजार करते रहते है की कब हम खाली हो और कब हम उनको घेरें

और होता भी वही है

जब हम खाली होते हैं तभी सारे के सारे बुरे विचार हमे घेर लेते हैं और हम उन्ही विचारों मे डूबते चले जाते हैं

लेकिन हमे अच्छे विचारों मे खोना चाहिए ताकि हमे खुशियाँ मिले हमारी चिंता और दुविधा का नाश हो ❤❤

“कभी कभी हम कहीं खो जाते हैं खुद मे” को एक उत्तर

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