आहार से और अपने विचारों से हमारे जीवन की शुरुआत होती है

हम जो भी कुछ खाते हैं वेसे ही विचार हमारे उत्पन्न होते हैं और जब हमारे विचार बनते हैं तब हमारे जीवन मे कुछ अच्छी या बुरी घटनाएं घटित होती हैं

अगर हम हल्का या संतुलित भोजन करते हैं तो हमारी मेहनत करने की शक्ति का विकास होता है

हमारी मनोवृत्तियाँ हमारे खानपान से ही विकसित होती हैं

अगर हम बहुत मसाले दार खाना खाते हैं तो हम क्रोधी स्वभाव के होते है

अगर हम सफेद या हरी सब्जियां खाते हैं तो हम स्वस्थ और शांत रहते है

अगर हम माँस खाते हैं तो हमारी मनोवृत्तियाँ भी वैसी ही हो जाती हैं हम बीमार बहुत पड़ते हैं पेट की बीमारी हमे घेर लेती है

अगर हम बासी खाना खाते हैं तो हमे नींद बहुत आती है आलस्य होता है

अगर हम पूडी, या तेल की तली हुई चीजे खाते हैं तो हम बीमार और आलसी हो जाते है😔

आप देखते हो की जिसके घर का माहौल शांत होता है उसके घर मे सब उन्नति करते हैं

दूषित विचारों के लोग जैसे लालची, कुकर्मी, घमंडी, जलनखोर, चोर, आदि होते है तो उनके परिवार मे भी कुछ उसी तरह के लोग उपस्थित हो जाते हैं और उसका अपना जीवन खुशहाल नहीं रहता

हम देखते हैं की जिन परिवारों मे शांति रहती है घर के लोग स्वस्थ मानसिकता के होते हैं तो उनके घरों का माहौल शांत होता है और उनके घर मे बीमारी नहीं आती है और थोड़े ही पैसों मे उसका घर चल जाता है🙏🙏

“आहार से और अपने विचारों से हमारे जीवन की शुरुआत होती है” के लिए प्रतिक्रिया 2

  1. Aapne bilkul sahi kaha. Par aajkal chhote bacche bhi masaalo wala, oily khana khate hai aur unka swabhaav bhi waisa hi hone laga hai.
    Healthy body, happy mind and beautiful life

    Liked by 1 व्यक्ति

    1. गुस्सैल, बीमार, बदमाश

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