जब कोई पति जिसकी पत्नी मायके चली जाती है उस पर क्या बीतती है
चली गई तुम कहाँ छोड़ कर
तुम्हारे बिना जी नहीं लगता
वो कमरा वो बिस्तर काटने दौड़ता है
तुम्हारी पायल की खनक अभी भी सुनाई देती है
ऑफिस से जब मै आता हु तब तुम पानी लेकर
लाल चूड़ियों से भरे तुहारे हाथ
तुम पाउडर लगाकर जब चाय लाती थी साथ मे बैठकर चाय पीते थे
जब तुम हंसती थी तब चारो तरफ फूल खिलते थे
मै तुमको अपनी बाहों मे उठा लेता था
तुम कितनी हल्की, गुड़िया की तरह मुलायम लगती थी
और उन्होंने लिखा था
तुम्हारा मायके जाना और मुझे देर तक रेलगाड़ी मे बैठकर मुझे देखना
सीने मे आग लगा गया
मन कर रहा था की छूटती हुई तूफान मेल को पीछे से पकड़ लूँ
पर तुम्हारे पापा को इतनी जल्दी नहीं आना था साथ मे भाई को नहीं लाना था
सोंच रहा था की मै तुम्हारे पापा को टरका दूँ, भाई को भगा दूँ
परंतु अपनी अम्मा को क्या कहु जो
लेकिन अब जल्दी आऊंगा और तुमको ले जाऊंगा
तुम्हारे बिना अब कमरा भूतिया हो गया🌹🌹
घर bhu
Leave a reply to shilendra shimage जवाब रद्द करें