अपनी प्रियतमा की गोद मे बिताए गए पल उसे आज भी याद है
किस तरह सहलाया था उसने उसके बालों को
एक हल्की सी नींद आ गई थी और वो सम्मोहित सा हो गया था
लगता था कि सारे दुख कट गए
सुंदर से सपने आँखों मे आने लगे थे
अपने घर के सभी लोगों को भूल गया था वो
अपने जीवन के लक्ष्यों को भी बिसार दिया था उसने
क्या करना था अपने जीवन को भी भूल गया था लेकिन थोड़ी ही देर बाद फोन आया कि वो परिक्षा मे फेल हो गया
उसकी नौकरी ना लगने की बात सुनकर प्रियतमा ने उसे अपनी गोद से उतार दिया उसका सिर
और चलने लगी कहने लगी कि मैं अब तुमसे बाद मे मिलेंगी
और चली गई कभी ना मिलने के लिए
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