भारतीय पकवानों की बात ही कुछ और है
किस्म किस्म के पकवान दिनों के अनुसार बनाते है
आजकल तो फास्ट फूड का चलन है भारतीय पकवान जेसे बहुत ही कम रह गए है लोग भारतीय पकवान बनाते है आजकल ये सब बनाने के लिए समय ही नहीं है
भारतीय संस्कृति अभी भी जीवित है कुछ लोगों ने इसे जीवित कर रखा है
आज भी हमारे यहां तीज त्योहारों पर भारतीय पकवान बनते हैं जो हम लोगों की संस्कृति है उसे हम लोगों को जिंदा रखना है
आजकल तो ऑनलाइन खाना मंगवाने का चलन हो गया है बस फोन घुमाओ सज़ा हुआ खाना सुंदर पैकिंग मे आ गया
लेकिन वो पैकिंग कहा से करवा कर लाए है ये पता नहीं
भारतीय पकवान अभी भी बहुत प्रचलित है उनकी महक और स्वाद विदेशों मे भी विख्यात है
विदेशियों को भी मैंने बहुत चाव से भारतीय पकवानों का स्वाद लेते देखा है
जम्मू कश्मीर मे एक कृष्णा होटल है वहां पर भारतीय खाने की एक से बढ़कर एक किसमें है
छोला भटूरे, चाट, पापड़ी, लस्सी, रसगुल्ले, गुलाब जामुन, kachori, पूरी, आलू मसाला, आलू जीरा, खिचड़ी, खास्ता, पापड़ी चाट, खीर, आलू दम और भी बहुत सी खाने की किस्म है




आज मैंने दाल ,रोटी, चॉवल, और आलू कटहल के बीज़ की सब्जी बनाई है
मुझे खाना बनाने मे बहुत अच्छा लगता है
मुझे भी अपने भारतीय पकवान बहुत पसंद है
मुझे शाकाहारी भोजन बहुत पसंद है हम लोग मांसाहारी भोजन नहीं खाते
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
Leave a reply to ꧁༒☬𝓵𝓲𝓯𝓮 𝓸𝓯 𝓹𝓮𝓻𝓼𝓸𝓷☬༒꧂ जवाब रद्द करें