मेहनत कभी बेकार नहीं होती हमेशा साकार होती है

कभी ये मत सोचना कि मैं मेहनत बेकार कर रही हू या रहा हू

सही दिशा मे की गई मेहनत कभी भी बेकार नहीं होती, कभी भी उदास मत होना, सोचना मेहनत तो कर रहें है ईमानदारी के साथ जरूर सफल होगी

हर पल हर दिशा आपकी अपनी है पलों का सदुपयोग करो जो आपके लिए अनमोल है

थक जाओ तो थोड़ा विश्राम करो पर आलस्य नहीं की अभी और सो लूँ कर कर लेंगे

ये सोचना चाहिए कि ये पल मिले हैं रुकने के लिए नहीं अब विश्राम हो चुका शरीर का आराम हो चुका अब आगे का कार्य पूरा करते हैं

विश्राम और जरूरत से ज्यादा मनोरंजन करने से उससे भी आपका मन एक दिन ऊब जाएगा बाद मे पछताने के लिए नहीं, अभी से सजग हो जाओ और अपने जीवन को बेहतर बनाने की कोशिश करो

कभी पंछियों को देखा है वे भी मेहनत करते हैं खाने का जुगाड़ करने के लिए उन्हें भी अपना घोसला छोड़ कर खाने के लिए सुबह से शाम तक मशक्कत करनी पड़ती है

प्राकृतिक विपदाओं से लड़ने के लिए वे भी अपना घोसला बनाते हैं, आराम करने के लिए पंछियों भी घर बनाने के लिए तिनके तिनके का जुगाड़ करते हैं

आखिर मे उनका भी घोसला बनता है और उनके भी बच्चे पलते है वे भी अपने बच्चों को मेहनत करने की प्रेरणा देते हैं

2 responses to “मेहनत कभी बेकार नहीं होती हमेशा साकार होती है”

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