बेबसी की मारी भाग 264

अर्जुन ने जब देखा कि ये डिब्बा कुछ भरा भरा सा है तो वो उस डिब्बे को खोलने लगते है उसमे से पकौड़े निकलते है अर्जुन भुखमरी की तरह पकौड़े पर टूट पड़े और सारे पकौड़े खा गए और लोटे मे पानी पीकर सो गए

बहुत गहरी नींद आ रही थी

सुबह जल्दी नहीं उठ पाएं और बिना खाए पिएं ऑफिस पहुंच गए वहां पर उनको खूब डांट पडी साहब ने कहा कि रोज देर से आते हो अगर नहीं आना है तो नौकरी छोड़ दो कल से अगर देर से आए तो बड़े साहब को शिकायत पत्र दे दूँगा समझे

अब शाम को शैल घर पहुंचती है और अपने भाई के लिए रोटी सब्जी बनाती हे और डिब्बे मे रख देती है। क्रमशः

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