
कोई जब किसी से मिलता है तो उसके अंदर किसी से मिलने की उम्मीद भी होने चाहिए मिलने के लिए हृदय में उत्साह होना चाहिए
एक बार इंसान किसी से मिले तो एक याद छोड़ जाए जिन्दगी भरे एक ऐसा उसूल होना चाहिए
एक बार एक प्रेमी ने अपनी प्रेमिका से मिलने की इच्छा व्यक्त की और कहा कि तुम्हें मेरे साथ एक रात के लिए एक होटल मे मिलना है
प्रेमिका ने बेहिचक कहा कि ठीक है कौन से होटल मे मिलना है मैं तुम्हारे साथ सारी रात रुकेंगी
दोनों की बात पक्की हो गई लड़के ने एक होटल बुक किया और उसमे सारी तैयारियां कर ली लड़की से मिलने के लिए
प्रेमिका को कुछ भी संदेह नहीं था ना ही कोई झिझक थी
शाम हुई प्रेमिका ने अपनी माँ से कहा कि मैं किसी से मिलने जा रही हू शायद रात को ना लौट सकूँ और अगर हो सका तो सुबह भी ना लौट सकूँ अगर सुबह ना लौट कर आऊँ तो समझना तुम्हारी बेटी इस दुनिया मे नहीं है
और वो अपने प्रेमी के बताए हुए होटल मे ओटो से चली गई शाम के 6 बजे थे वो लड़का उसका इंतजार कर रहा था
7 बजे लड़की होटल के कमरे मे दाखिल हुई
होटल का कमरा फ़ूलों से सजा हुआ था लड़की ने लड़के से कहा कि आज बहुत खुश हो शायद तुम
प्रेमी ने कहा तुम्हारे आने की खुशी मे
लड़की ने अपनी पर्स उसके हवाले कर दी कहने लगी कि मैंने स्विच ऑफ कर दिया है फोन का शायद रात मे मम्मी फोन कर सकती हैं तुम्हें डिस्टर्ब होगा
तुम अपनी मम्मी को बताकर यहां आई हो रीता
हा मनोज मैंने मम्मी को समझा दिया है
मनोज ने कहा कि अच्छा जाओ तुम नहा लो और हाँ वो जो बाथरूम मे कपड़े टांगे हुए हैं वही पहन लेना
रीता नहाने बाथरूम मे गई तो देखती है कि कुछ अजीब कपड़े वहाँ पर टांगे है खैर रीता ने वो कपड़े भी पहन लिए
मनोज रात मे कुछ खाने को लाया और कोल्ड ड्रिंक भी लाया और बोला कि लो तुम कुछ खा लो और कोल्ड ड्रिंक भी पी लो
रीता ने वो भी खा ली और कोल्ड ड्रिंक भी पी लिया
अब मनोज ने उसको देखकर कहाः की कोल्ड ड्रिंक कैसा लगा रीता ने कहा कि अच्छा लगा
मोहन ने कहा कि अब तुम बेड पर लेट जाओ
अब रीता गुस्सा हो गई और बोली मोहन क्या बात है
मोहन ने कहा कि तुम लेट जाओ मैंने कहा ना रीता लेट गई तब मोहन ने रीता को एक चादर ओढ़ा दी और थोड़ी दूर पर लेट कर रीता को देखने लगा
रीता ने कहा क्या देख रहे हों मोहन
रीता ने कहा कि तुम्हें कुछ हो नहीं रहा है मुझे देखकर
रीता ने कहा विश्वास हो गया है वो भी गहरा
मनोज ने कहा ओह
और अपनी रीता का हाथ पकड़ कर बोला मुझे तुम्हारी ही तलाश थी
रीता ने कहा अच्छा अब मुझे नींद आ रही है सोने दो मुझे और दोनों एक दूसरे का हाथ पकड़ कर सोने जा रहे थे तभी मनोज ने कहा कि तुम अपना फोन खोल दो और मम्मी को फोन करके बोल दो मैं ठीक हुँ वो चिंता करेगी
रीता ने फोन किया माँ मैं ठीक हू तुम सो जाओ
मम्मी बोली तुम किसके साथ हो
मैं मनोज के साथ हू
मनोज मुस्करा रहा था
दोनों सुबह उठे और नाश्ता करके मनोज ने कहा चलो तुम्हें घर छोड़ दूँ और अब तुम मेरी पत्नी हो आज से
माँ के पास गया और प्रणाम करके बोला माँ आपकी बेटी धन्य है
🙏🙏🙏🌹🙏🙏
Leave a reply to Dr.Prasanta K Padhi जवाब रद्द करें