अगर मेरी शादी पहलवान से हो जाती तो क्या होता

होता क्या कुछ ना होता एक बॉडी गार्ड मिल जाता मुझे जो मेरी रक्षा करते हुए कहता कि तुम डरना मत मैं हू ना

लेकिन मुझे एक बात से डर लगता है कि अगर मेरा पति पहलवान होते तो क्या होता

रात मे खतरा बढ़ जाता वो कैसे

प्राथमिक मिलन मे क्या होता

पहले मिलन यानी सुहागरात मे क्या होता

जब वो अंदर आते तो मैं घूंघट काढ़ कर वहाँ बैठती

वो मेरा घूंघट ना खोलते सिर्फ खाने पीने की वस्तुओं को खोजते

बाल्टी भर दुध जो उनकी बहन रख गई थी वो सारा पी जाते

सारी मिठाइयाँ भी खा जाते

और तो और वो सारा पान भी चबा जाते और मैं भूखी प्यासी

लेकिन मैं देखती की वो सारा खा गए है अब वो अपना लंगोट उतार रहे हैं मैं गुस्सा हो जाती और अपना घूंघट खुद खोल डालती और उनसे कहती की आप सब खा गए दुध भी पी गए और पान भी खा गए

अब आप रुको अभी बताती हू आपको मैं अपने हाथ को उनके सामने कल्ले दिखा देती कहती आओ कुश्ती हो जाय जाओ लंगोट पहन आओ

चैलेंज कर देती और वो भागते हुए मुझे पटकते आते और मैं पलंग के नीचे घुस जाती अब कहती आओ मुझे निकालो पहलवान की बुद्धि मोटी होती है

वो पलंग के नीचे गुस्से से घुसते और मैं बाहर निकलकर भाग जाती और वे फंस जाते

“अगर मेरी शादी पहलवान से हो जाती तो क्या होता” को एक उत्तर

Leave a reply to Dr.Prasanta K Padhi जवाब रद्द करें

Design a site like this with WordPress.com
प्रारंभ करें