
वो शांत दुनिया होती है मुर्दों की, अपनी पिछली जिंदगी को खत्म करके इस सुनसान जगह पर मिट्टी के नीचे ना जाने कितने शरीर आराम कर रहे हैं वे अब उस दुनिया मे नहीं जाना चाहते और ना उन लोगों को अपनी इस दुनिया मे पसंद करते हैं
यहा का भी अपना एक संसार कायम है मिट्टी के नीचे कितने सुन्दर और कुरूप शरीर दफनाए हुए है
कितना अजीब लगता है वहां ये सब देखकर
कितने पेंड उगे हुए हैं यहा पर कब्रों को चीर कर
हर कोई खुश है यहा पर, सब सोये हुए है
कुछ लोगों ने इनके कब्रों पर जाकर इनसे बात करने की कोशिश की पर इन लोगों ने इशारा किया की हमे परेशान मत करो तुम जहां से आए हों वहीँ चले जाओ हमे विश्राम करने दो हमे तुम लोगों की दुनिया मे नहीं जाना
मेरे घर के पास भी एक कब्रिस्तान है जब मैं वहां देखती थी तो मुझे लगता था कि शायद ये लोग किसी शांति की तलाश मे थे जो इन्हें यहा मिल रही है
वहां मैंने देखा कि पुरानी कब्रों पर कितने पेंड लताएं उगी हुई है ऐसा लगता है कि शायद प्रकृति भी इनका साथ दे रही इन्हें धूप से बचा रही
इनके पास अगर कोई जाता है तो ये लोग किसी को पसंद नहीं करते, इनको किसी का देखना भी पसंद नहीं आता वहां पर कोई भी नहीं जाता शायद इनके परिजन इनके स्थान पर फूल या मोमबत्ती जला जाते हैं जल्दी ही वहां से चले जाते हैं ये लोग किसी को पसंद नहीं करते
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