जबरदस्ती रिश्तों को निभाने से क्या फायदा अपना तो यही कायदा है कि हम अकेले ही अच्छे है जब कोई हमे देखकर मुह छिपाते है तो लाख वो हमे जान से भी प्यारा है, हमारे खून का कतरा है परंतु हम भी क्या करें
जब वो दिल से हमे पसंद नहीं करता अपने मन मे कुढ़ते रहते हैं तो ऐसे रिश्तों को आजाद कर देना ही उचित होता है
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