उलझे हुए राही

जो राही उलझ जाते हैं कुछ तो समय रहते सुलझ जाते हैं कुछ उलझे ही रह जाते हैं और कुछ सुलझने की सिर्फ कामना करते हैं और कुछ उलझने का मजा लेते हैं कुछ सजा भोगते है कुछ, इम्तहान देते हुए अपने जीवन को एक दिशा मे निकाल देते हैं

कुछ उलझ कर नया जीवन पा जाते हैं कुछ अपने जीवन को खो देते हैं

Design a site like this with WordPress.com
प्रारंभ करें