इंसान का कभी भी किसी से मन नहीं भरा

बहुत कुछ नसीब होते हुए भी इंसान को कमी दिखाई देती है और वे अक्सर कहते हुए देखे जाते हैं कि मेरे पास ये नहीं है वो नहीं है लेकिन कभी वो ये नहीं देखते कि जो उनके पास है शायद किसी को नसीब नहीं है

2 responses to “इंसान का कभी भी किसी से मन नहीं भरा”

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