देव दासी भाग 529

कामिनी अपने पिछले दिनों को एक अलग कमरे मे याद कर ही रहीं थीं कि कितना समय गुजर गया आज वो रानी महारानी है लेकिन उसकी कितनी रातें वीर सिंह के इंतजार मे तबाह हुई

तभी गीता की आवाज आती है भाभी कहां हो कहाँ हो

कामिनी अपने आंसू अपनी साड़ी के पल्लू से पोंछ कर बाहर की ओर निकलती है गीता उसे बुला रहीं हैं कह रहीं हैं भैया बुला रहे हैं कब से आपको आप उनकी अवाज नहीं सुन रहीं कहा खोई हुई हो भाभी

और वो जो आपकी बहन है उसका भी कोई पता नहीं ना जाने वो कहा गई है

कामिनी गीता से कहती है कि गीता उसका ध्यान रखना वो थोड़ी पागल है कहीं चली ना जाए वो भी किस्मत की सताई हुई लगती है

गीता कहती हैं भाभी आपने तो पूरी दुनिया का ठेका ले लिया है सबको मदद करती हो वो कहीं होगी बाहर नहीं जा पाएगी घूमकर आ जाएगी अब तो वो कुछ कुछ बोलने भी लगी है उसका खास ध्यान देती हू मैं

क्रमशः

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