
एक स्त्री के लिए माँ बनना एक बहुत ही खूबसूरत अनुभूति है
अपने बच्चे के जन्म से पहले उसके मन मे अपने बच्चे के लिए क्या अनुभव है
जब मुझे पता चला मेरी रिपोर्ट मे जब positive आया तो मुझे बहुत खुशी हुई वो मेरी पहली संतान थी
मेरे मन मे भी एक इच्छा थी कि मैं माँ बनूँ और मेरी गोद मे भी एक बच्चा खेले
7 मई 1995 को मुझे रिपोर्ट मे पता लगा कि मैं माँ बनने वाली हू मेरी तो खुशी का ठिकाना ही ना रहा मुझे बार बार उल्टियां होती थी मुझे चक्कर आते थे
मैं खाना नहीं खा पाती थी कुछ भी खाती तो उल्टी हो जाती
सारे दिन मुझे तकलीफ होती लेकिन मैं सोचती की माँ बनना आसान नहीं एक बच्चे को पाने के लिए सबको ऐसी तकलीफ होती है
मैं घर का सारा अचार भी खा गई सास डांट देतीं थीं कि इतना अचार खाओगे तो नुकसान करेगा
मैं मिट्टी खाती थी
लेकिन मुझे फिर ख्याल आता कि मैं माँ बनेंगी एक बच्चा आएगा मेरी गोद मे रहेगा मैं उसके साथ घूमने जाऊँगी
खेलेगा मेरे साथ, सो जाएगा मेरे साथ, गाना सुनाएगा, नाच-गाना करेंगे दोनों
बहुत सारे सपने थे
और सबके सपने होते हैं
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