अब वही होने वाला है वीर सिंह और कामिनी का प्रथम मिलन जिसका सबको इंतजार होता है कामिनी को एक बहुत बड़े आलिशान कमरे मे ले जाया जाता है एक बहुत बड़ा पलंग और उसपर मोटा ग़द्दा ,पलंग कितना नक्काशी दार
पूरे कमरे मे रंगीन पत्थर, सुंदर पर्दे, एक अलग स्नानागार था, बड़ी बड़ी खिड़की
एक बहुत बड़ी अलमारी थी उसमे वीर सिंह के कपड़े रखे हुए थे जो बेहद कीमती थे
ये देखकर कामिनी अपनी किस्मत को शुक्रिया कह रहीं थीं मन ही मन वो भगवान का भी शुक्रिया कर रहीं थीं कि उसकी बरसों कि प्रार्थना पूरी हो चुकी थी
अपनी पसंद का पति और इतना सारा वैभव वो एक तरफ फ़ूलों से सजे पलंग पर बैठ जाती है ,महिलाएँ चली जाती है
एक तरफ मिठाई से भरी सोने की कलसी थी और चांदी की कलसी में दुध रखा था पीतल का एक पान का डिब्बा था उसमे पान रखा हुआ था क्रमशः

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